Font by Mehr Nastaliq Web

ईर्ष्या पर ग़ज़लें

ईर्ष्या दूसरों की उन्नति,

सुख या वैभव से उभरने वाला मानसिक कष्ट है। इसका संबंध मानवीय मनोवृत्ति से है और काव्य में सहज रूप से इसकी प्रवृत्तियों और परिणामों की अभिव्यक्ति होती रही है।

आदमी के देख के

कृष्णानन्द कृष्ण

के बा आपन, कवन पराया

ब्रजभूषण मिश्र

गोलैसी

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए