गांधीवाद पर बेला
गांधीवाद महात्मा गांधी
के आदर्शों, आस्थाओं और जीवन-दर्शन पर आधारित विचारधारा है। इसका प्रभाव युगीन और परवर्ती काव्य पर भी परिलक्षित होता है।
पत्र : कल्पना शास्त्री के लिए : मुझसे नहीं होगा समीक्षा का काम
स्वस्ति श्री सर्वोपमायोग्य कल्पना शास्त्री जी, यहाँ से मनीष का राम-राम। चकित होऊ नका; मैं भी जानता हूँ कि चिट्ठी-पत्री की परंपरा तो अब बहुत पुरानी हो चुकी है। सो भी, मैं आपको चिट्ठी लिखने बैठ गया।
बल के बारे में
श्रम काग़ज़ है। कर्म हस्ताक्षर। व्यक्ति को अपना काम करना चाहिए। मेहनत से। ईमानदारी से। समर्पण से। सजगता के साथ और अद्यतन कर्मठता से। लेकिन कर्म करने से पहले चुनाव करना ही चाहिए कि कौन-सा काम करने योग्य
02 अक्तूबर 2026
स्कूली निबंधों में महात्मा गांधी
गांधी-जयंती आ रही है। बचपन में हमारे पाठ्यक्रम का बड़ा अहम हिस्सा रहे हैं बापू। स्कूल में गाय-भैंस, सहेला-सहेली, माता-पिता, नानी-दादी के घर पर बिताई छुट्टियाँ, रेलगाड़ी का सफ़र, बसंत-बरसात आदि की तरह
02 अक्तूबर 2024
हे राम : दास्तान-ए-क़त्ल-ए-गांधी
जिससे उम्मीदें-ज़ीस्त थी बाँधी ले उड़ी उसको मौत की आँधी गालियाँ खाके गोलियाँ खाके मर गए उफ़्फ़! महात्मा गांधी! — रईस अमरोहवी एक दिल्ली में वह मावठ का दिन था। 30 जनवरी 1948 को दुपहर तीन बज