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निर्धारित पर उद्धरण

हम पहाड़ पर नहीं, बल्कि ख़ुद पर विजय पाते हैं।

एडमंड हिलेरी

आप कभी भी इतने बूढ़े नहीं होते हैं कि कोई और लक्ष्य निर्धारित न कर सकें या कोई नया सपना न देख पाएँ।

सी. एस. लुईस

कछुआ तभी आगे बढ़ता है, जब अपनी गर्दन बाहर निकालता है।

जेम्स बी. कॉनैंट

जितना हम अपने कर्मों को निर्धारित करते हैं, उतना ही हमारे कर्म हमें निर्धारित करते हैं।

जॉर्ज इलियट