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साहस पर ग़ज़लें

साहस वह मानसिक बल या

गुण है, जिसके द्वारा मनुष्य यथेष्ट ऊर्जा या साधन के अभाव में भी भारी कार्य कर बैठता है अथवा विपत्तियों या कठिनाइयों का मुक़ाबला करने में सक्षम होता है। इस चयन में साहस को विषय बनाती कविताओं को शामिल किया गया है।

साध-सपना हिया

ए. कुमार ‘आँसू’

ना जूटी मन टूट गइल बा

सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’

राह में दिअरी जरावे के पड़ी

सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’

हिन्दवी उत्सव 2026

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