प्रवीण कुमार के बेला
15 जनवरी 2026
रघुवर प्रसाद और सोनसी की दुनिया का रचयिता
1 जनवरी 2026 को विनोद कुमार शुक्ल 89 वर्ष के हो जाते लेकिन उसके नौ दिन पहले ही वह इस दुनिया से चले गए। हिंदी साहित्य में संभवतः अज्ञेय के बाद वह गिनती के ऐसे साहित्यकारों में थे जो गद्य और पद्य दोनों
हमें खिड़कियों की ज़रूरत है
खिड़कियों के बाहर कई तरह के रंग होते हैं, धरती के भी-आसमान के भी। पर खिड़कियाँ अपने रंगों से नहीं अपने हवादार होने से जानी जाती हैं। वे इतनी बड़ी नहीं होतीं कि दरवाज़ा हो जाएँ, न इतनी छोटी कि आप झरोखा य