बिहार के रचनाकार

कुल: 85

नई पीढ़ी के कवि।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

सुपरिचित कवयित्री और आलोचक। हिंदी कविता में स्त्रीवादी वैचारिकी के निर्माण में अहम भूमिका।

वज्रयानी सिद्ध। हिंदी के प्रथम कवि। सरह, सरहपाद, शरहस्तपाद, सरोजवज्र जैसे नामों से भी चर्चित।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। ‘सूफ़ीनामा’ से संबद्ध।

‘याज्ञवल्क्य से बहस’ शीर्षक कविता-संग्रह की कवयित्री। भावसघन विचारोत्तेजना के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि-लेखक-अनुवादक और नाटककार। लोक-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

नवें दशक के कवि। जनवादी लेखक संघ से संबद्ध।

नवें दशक में सामने आए हिंदी के महत्त्वपूर्ण कवि-कथाकार और पत्रकार। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी के सुपरिचित कवि-गद्यकार।

सुपरिचित कवि-लेखक।

सुपरिचित कवि।

नई पीढ़ी की चर्चित कवयित्री। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक।

नई पीढ़ी के सुपरिचित कवि-कथाकार।

हिंदी के सुपरिचित कवि-कथाकार। पत्रकारिता में भी सक्रिय। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय कवि-कथाकार।

हिंदी और उर्दू की नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

‘मैथिल कोकिल’ के नाम से लोकप्रिय। राधा-कृष्ण की शृंगार-प्रधान लीलाओं के ग्रंथ ‘पदावली’ के लिए स्मरणीय।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। रंगमंच और सिनेमा में बतौर अभिनेता सक्रिय।

नई पीढ़ी के कवि-ग़ज़लकार। निम्नमध्यवर्गीय संवेदना के लिए उल्लेखनीय।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

समादृत कवि और निबंधकार। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक। जन संस्कृति मंच से संबद्ध।

अकविता दौर के कवि-कथाकार और अनुवादक। जोखिमों से भरा बीहड़ जीवन जीने के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि-लेखक। ‘आजकल’ पत्रिका के संपादक।

नई पीढ़ी की सुपरिचित कवयित्री और अनुवादक।

नई पीढ़ी के कवि। असमय दिवंगत। एक कविता-संग्रह 'उम्मीद अब भी बाक़ी है' शीर्षक से मरणोपरांत प्रकाशित।

नई पीढ़ी के कवि। लोक-संवेदना के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

सुपरिचित कवि। गद्य-लेखन और साहित्यिक पत्रकारिता में भी सक्रिय।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। लोक-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-अनुवादक। कुछ कहानियाँ भी लिखीं। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

नवें दशक के सुपरिचित हिंदी कवि।

रीतिबद्ध के आचार्य कवि। काव्यांग-निरूपण में सिरमौर। शृंगार-निरूपण के अतिरिक्त नीति-निरूपण के लिए भी उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि-विचारक। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

कविता-पटकथा और समीक्षा की विधा में सक्रिय।

समादृत कथाकार। कुछ कविताएँ भी लिखीं। समाजवादी और आंचलिक संवेदना के लिए उल्लेखनीय। पद्मश्री से सम्मानित।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। ‘सितुही भर समय’ शीर्षक एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

नवें दशक में सामने आए हिंदी कवि। बाद में कहानियाँ भी लिखीं। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

वरिष्‍ठ कवि-पत्रकार। लोकमत समाचार के तीन दशक से अधिक समय तक फ़ीचर संपादक रहे। सैकड़ों कविताएँ और आलेख प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित।

इस सदी में सामने आईं हिंदी कथाकार। समय-समय पर काव्य-लेखन भी।

आठवें दशक के प्रमुख कवि-लेखक और संपादक। पत्रकारिता और जन संस्कृति मंच से संबद्ध रहे।

इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-लेखक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

नवें दशक के कवि। उपन्यास और नाट्य-लेखन में भी सक्रिय।

नवें दशक की कवयित्री। जनवादी संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।