अमन त्रिपाठी के बेला
07 नवम्बर 2026
जेएनयू के आख़िरी रोज़ को आख़िरी रोज़-सा न बिताने की हर आख़िरी कोशिश
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का परिसर है, नीले आसमान के कैनवास में ऊबे इम्प्रेशनिस्ट आर्टिस्ट द्वारा उल्टे स्ट्रोक में खींची कुछ लाल-पीली रेखाओं के तले हाथ पकड़ साथ चलते प्रेमी जोड़ियों के प्रेम से प
‘हिन्दवी उत्सव’ में प्रेम की संभावनाएँ
फ़्योदोर दोस्तोयेवस्की की ‘वाइट नाइट्स’ से एक पंक्ति पिछले दो दिन से ज़ेहन में घूम रही है, “यह एक अद्भुत रात थी—ऐसी रात, जो केवल तब संभव होती है, जब हम युवा होते हैं।” ऐसी ही एक अद्भुत रात से पहले का
किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम
हम जब आज से लगभग एक दशक पूर्व कोरिया के बारे में सोचते थे, तो शायद अधिकांश लोगों के लिए उसका उत्तर अज्ञात ही रहता था। जिनकी समझ या रुचि थोड़ी अधिक विकसित थी, उनके मन में शायद किम जोंग उन का नाम आता र