धीरेंद्र धवल के बेला
भौकाली ज़लज़ले से लैस मास्टर, मास्टरी और कोचिंग्स की दुनिया
भौतिक प्रदर्शन का दबाव इतना बढ़ता जा रहा है कि शिक्षक समुदाय भी उसके चपेट में है। माना जाता है कि समाज में शिक्षक समुदाय के सात्त्विक व्यवहार, वस्त्र-विन्यास और जीवन-मूल्यों का बड़ा असर होता है; लेकि
03 फरवरी 2026
गाँव-देहात वाला घर-दुआर-खेत-खलिहान : हिस्सेदारी बनाम ज़िम्मेदारी
गाँव-देहात वाला घर-दुआर। यहाँ हिस्सा लेने-देने का मसला गंभीर होता है और बहुत जटिल भी। यह दोधारी तलवार है। तमाम लोग तो हैं कि बिना कुछ किए केवल पैतृक विरासत होने के नाते पाई-पाई का हिस्सेदार होना चाहत
ग्लोबल विलेज के शोर में पुरबिया गाँव
यह संस्मरण भूमंडलीय पीढ़ी का देहाती क़िस्सा है। गाँव-देहात को इसलिए नहीं याद कर रहा हूँ कि मेरे पास कुछ कहने के लिए कुछ यादें हैं, बल्कि इसलिए याद कर रहा हूँ कि मेरी पीढ़ी ने बदलावों को इतने तीव्र गति