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यात्रा वृत्तांत

यात्रा वृत्तांत आधुनिक कथेतर गद्य-विधा है। इसमें यात्रा के क्रम में गंतव्य और पड़ाव से जुड़े विशिष्ट तथ्यों और घटनाक्रमों का स्मृति, अनुभूति और अनुभव के सामंजस्य में सृजनात्मक उपयोग किया जाता है। हिंदी में यात्रा-वृत्तांत-लेखन की परंपरा भारतेंदु से आरंभ हुई जिसने द्विवेदी युग तक पहुँचकर नई साहित्यिक विधा का आकार ग्रहण कर लिया। राहुल सांकृत्यायन ने इस विधा को विशेष प्रतिष्ठा दी। अज्ञेय और नागार्जुन उनके साथ हिंदी साहित्य की ‘घुमक्कड़ बृहतत्रयी’ में शामिल हैं।

1910 -1996

शुक्लोत्तर युग के प्रमुख कथाकार, एकांकीकार और उपन्यासकार। निम्न-मध्यमवर्गीय यथार्थ चित्रण के लिए उल्लेखनीय।

1957

वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और आलोचक। 'मुअनजोदड़ो' चर्चित कृति।

1911 -2000

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और कथाकार। अपने जनवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

1932 -2007

सुप्रसिद्ध कथाकार, उपन्यासकार, संपादक और पटकथा-लेखक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

1885 -1981

समादृत लेखक, पत्रकार, समाज-सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

1926 -1997

समादृत कवि-कथाकार और अनुवादक। ‘धर्मयुग’ साप्ताहिक के संपादक के रूप में भी चर्चित।

1929 -2005

समादृत उपन्यासकार-कथाकार और निबंधकार। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

1937 -2009

चर्चित पत्रकार, संपादक। आधुनिक हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा, भाषा और तेवर प्रदान करने वाले पत्रकार। सामाजिक-राजनीतिक चिंतक। लेखन सामाजिक सरोकारों से ओत-पोत लेखन।

1913 -1973

प्रख्यात अभिनेता, लेखक और निर्माता-निर्देशक।

1850 -1885

भारतीय नवजागरण के अग्रदूत। समादृत कवि, निबंधकार, अनुवादक और नाटककार।

1864 -1938

युगप्रवर्तक साहित्यकार-पत्रकार। ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादक के रूप में हिंदी नवजागरण में महत्त्वपूर्ण योगदान।

1908 -1974

समादृत कवि और निबंधकार। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित।

1873 -1953

नागरी प्रचारिणी सभा के संस्थापक सदस्य और सभापति। भारतेंदु युग में साहित्यिक योगदान के लिए उल्लेखनीय।

1893 -1963

हिंदी यात्रा साहित्य के जनक के रूप में समादृत लेखक, इतिहासकार, बौद्ध विद्वान और बहुभाषाविद्। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

1908 -2007

बांग्ला भाषा की विख्यात लेखिका। संगीत नाटक अकादमी से पुरस्कृत।

1883 -1944

साहित्यसेवी, पत्रकार और स्वतंत्रता-सेनानी। ‘आज’ समाचार-पत्र के प्रकाशन और ‘काशी विद्यापीठ’ की स्थापना के लिए उल्लेखनीय।