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मौसम पर गीत

किसी स्थान विशेष की

दिन-प्रतिदिन की वायुमंडलीय दशा को मौसम कहा जाता है। मौसम का कवि-मन पर प्रभाव पड़ना और प्रभावतः अभिव्यक्तियों का जन्म अत्यंत नैसर्गिक स्थिति है। इस चयन में ऐसी ही कुछ कविताओं का संकलन किया गया है।

वह बोली, सावन आया है

ज्ञान प्रकाश आकुल

दिन खनकता है

ओम निश्चल

बरखा बहार

भोलानाथ गहमरी

अगहन

देवेंद्र कुमार बंगाली

फागुन का रथ

देवेंद्र कुमार बंगाली

मौसमी हवाएँ

देवेंद्र कुमार बंगाली

मधु ऋतु

शंभुनाथ सिंह

कुहरे के अंदर हैं कुहरे

देवेंद्र कुमार बंगाली

पतझर का गीत

देवेंद्र कुमार बंगाली