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प्रेम कहानी पर कवितांश

यदि आँख ही खुले तो अच्छा है

मेरे प्रियतम, जो स्वप्न में आते हैं

मुझसे कभी नहीं बिछुड़ेंगे

तिरुवल्लुवर

मेरे देखते समय

उसने मुझे देखा

देखने पर उसने सिर झुका लिया

यही हमारे प्रेम-बिरवे को

पल्लवित करने के लिए मृदु जलसिंचन है

तिरुवल्लुवर

हिन्दवी उत्सव 2026

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