दिल पर दोहे
कवियों-शाइरों के घर
दिल या हृदय एक प्रिय शब्द की तरह विचरता है, जहाँ दिल की बातें और दिल के बारे में बातें उनकी कविताई में दर्ज होती रहती हैं। यह चयन दिल पर ज़ोर रखती ऐसी ही कविताओं में से किया गया है।
जिसके दिल में प्यार है, सही वही इंसान।
पत्थर दिल कुछ नफ़रती, घूम रहे शैतान॥