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विशाल कुमार

नई पीढ़ी के लेखक।

नई पीढ़ी के लेखक।

विशाल कुमार के बेला

24 जुलाई 2026

अनशन की नैतिक शक्ति

अनशन की नैतिक शक्ति

आख़िरकार, इस देश की जनता कुछ जागी हुई-सी महसूस होती है। वह अराजनीतिकता का चोला उतारकर मूक से मुखर होती प्रतीत होती है। लेकिन जब हम कहते हैं कि इस देश की सरकार गूँगी, बहरी और अपने उत्तरदायित्व से भागन

09 जून 2026

कॉकरोच और क्रांति!

कॉकरोच और क्रांति!

भारत एक अपवाद है और भारतीयता स्वयं अनेक अपवादों का समुच्चय है। जब भी आपको यह आभास होगा कि आपने भारत को समझ लिया है—इसके लोग, इसकी संस्कृति और इसकी राजनीति आपको पुनः चौंका देगी। भारत का लोकतांत्रिक, आ

30 अप्रैल 2026

अपने-अपने कबीर

अपने-अपने कबीर

कबीर आज इतने समय बाद भी प्रासंगिक हैं। उनकी मौजूदगी के माध्यम बदल गए हैं, लेकिन वह आज भी किसी न किसी रूप में अन्य कवियों की तुलना में अधिक प्रभावी और जीवंत महसूस होते हैं। स्कूल की किताबों में दोहों

24 अक्तूबर 2025

लोक : भोजपुरी लोकगीत : विस्मृत धरोहर

लोक : भोजपुरी लोकगीत : विस्मृत धरोहर

भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक पहचान, वर्ग, जाति और सत्ता संरचनाओं से निर्मित राजनीति की भी वाहक होती है। इसे ‘प्रतीकात्मक पूँजी’ के तौर पर भी देखा जा सकता है, जो किसी समाज की सा

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