केदारनाथ सिंह के बेला
26 दिसम्बर 2025
इसे ‘विनोदकुमारशुक्लपन’ कहूँगा
यह एक विरल संयोग है कि विनोद कुमार शुक्ल जितने बड़े कवि हैं, उतने ही बड़े कथाकार भी हैं। यह बात हिंदी के बहुत कम लेखकों
1934 - 2018 | बलिया, उत्तर प्रदेश
समादृत कवि-लेखक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।
समादृत कवि-लेखक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।