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Shampa Saha's Photo'

शम्पा शाह

मुंबई, महाराष्ट्र

सुपरिचित शिल्पकार-लेखक।

सुपरिचित शिल्पकार-लेखक।

शम्पा शाह के बेला

29 जनवरी 2026

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

नाट्य शास्त्र के पहले ही अध्याय में एक श्लोक है जो एक तरह से नाटक की परिभाषा है— योऽयम स्वभावां लोकस्य सुखदुखसमन्वितः सोंगभिनयोपेतो नाट्यमित्यभिधीयते।। यह जो लोक (फ़ोक का अनुवाद नहीं, बल्कि सम

07 जनवरी 2026

प्रेम की घर वापसी

प्रेम की घर वापसी

आज, अभी, इस दिन, इस क्षण की लंबान कितनी हो सकती है? इसका एक वाजिब जवाब है—विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ जितनी! इस उपन्यास को पढ़ते हुए पहली ही बात जो ध्यान खींचती है, वह

21 अक्तूबर 2025

असमाप्य अनुष्ठान : रतन थियम का रंगकर्म

असमाप्य अनुष्ठान : रतन थियम का रंगकर्म

नाटक शुरू होने के पहले की थर्ड बेल बजती है। नाट्यशाला का अँधेरा गाढ़ा होते-होते किसी प्रागैतिहासिक, चंद्रमा विहीन रात्रि के ठोस अँधेरे में बदल जाता है। और तब पृथ्वी के किसी सुदूर कोने से एक वृंदगान क

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