रश्मि भारद्वाज के बेला
12 अक्तूबर 2026
मैं असह्य होना चाहती हूँ : ऐन कार्सन और उनकी रचना-प्रक्रिया
मेरी निजी कविता एक विफलता है मैं कोई व्यक्ति नहीं होना चाहती मैं असह्य होना चाहती हूँ [Stanzas, Sexes, Seduction] जीवन अपने मूल रूप में असहनीय है। मनुष्य की जटिलताएँ, उसके तमाम अनुभव और निर्
एक मछली पकड़ने का काँटा, एक खुली आँख, स्त्रीवादी दृष्टि और लेखन
तुम्हारा मेरा साथ जैसे आँख में धँसा कोई काँटा एक मछली पकड़ने का काँटा एक खुली आँख कनाडियन कवि-लेखिका मारग्रेट एटवुड की ये कविता पढ़ते हुए एक लिखती हुई स्त्री और उसके परिवेश के बीच का संबंध बहु
द वेजिटेरियन : हिंसा और अन्याय से मुक्ति का स्वप्न
“मुझे एक स्वप्न आया था” कोरियाई लेखिका हान कांग के उपन्यास ‘द वेजिटेरियन’ के मूल में यही वाक्य है, जो उपन्यास की पात्र योंग-हे निरंतर दुहराती रहती है। यह वाक्य साधारण ध्वनित कर सकता है लेकिन यह शो