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शर्म पर बेला

शर्म का एक अर्थ लज्जा,

हया, संकोच आदि है; जबकि एक अन्य अर्थ में यह दोषभाव या ग्लानि का आशय देता है। इस चयन में शर्म विषय से संबंधित कविताओं को शामिल किया गया है।

12 अक्तूबर 2026

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

गदहे को इंसानी समाज ने हमेशा से ही तुच्छ प्राणी समझा है। इसीलिए प्राणी संग्रहालय में गदहे को छोड़कर सब प्राणियों को रखा गया। क्या गदहों को इंसानों की इस हरकत का बुरा नहीं लगता होगा? गदहा हमेशा से

28 जुलाई 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा

गताध्याय से आगे... पाँच  दोस्ती के बारे में कई ज्योतिषियों ने दो बातें बताईं। पहली बात यह कि इस कलिकाल में सच्ची मित्रता के अकाल का योग है, हज़ार वाट का बल्ब लेकर ढूँढ़ते रह जाओगे; एक वाट का भी म