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पराजय पर ग़ज़लें

जीवन-प्रसंगों में जय-पराजय

मनुष्य के प्रमुख मनोभावों में से एक है। यह किसी के हर्ष तो किसी के लिए विषाद का विषय है। यहाँ प्रस्तुत चयन में उन कविताओं का संकलन किया गया है, जिनमें ‘हार की जीत’ और ‘जीत की हार’ रेखांकित है।

रो-रो के सनेहिया

जौहर शफियाबादी

अदालतमे चिता

राम चैतन्य धीरज

हिन्दवी उत्सव 2026

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