क्रोध से अंधा हुआ व्यक्ति ही परमांध होता है क्योंकि उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है। केवल नेत्र से अंधा हुआ मनुष्य अंधा नहीं होता।
अंधी भीड़ धुँधले तरीक़े से हरेक चीज़ के लिए आक्रामक है।
क्रोध से अंधा हुआ व्यक्ति ही परमांध होता है क्योंकि उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है। केवल नेत्र से अंधा हुआ मनुष्य अंधा नहीं होता।
अंधी भीड़ धुँधले तरीक़े से हरेक चीज़ के लिए आक्रामक है।