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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

समस्त मानव ज्ञान, अनुभव से उत्पन्न होता है। अनुभव के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार से हम कुछ भी जान नहीं सकते। हमारा सारा तर्क सामान्यीकृत अनुभव पर आधारित है, हमारा सारा ज्ञान अनुभवों का समन्वय है।