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शम्स तबरेज़ी के उद्धरण

जिस साधु पुरुष ने परमेश्वर से साक्षात् कर; उसकी आभा को देखा है—उसे प्रत्येक वस्तु में उसी का दर्शन होता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा