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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

दर्शनशास्त्र की स्थिति चाहे जो भी हो, तत्वमीमांसा की स्थिति चाहे जो भी हो, जब तक संसार में मृत्यु है, जब तक मनुष्य के हृदय में कमजोरी है, तब तक मनुष्य के हृदय से पुकार निकलती रहेगी