आधुनिक काल

सन् 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद आधुनिक चेतनायुक्त मानस निर्मित हुआ, जिसे पुनर्जागरण ने और प्रबल किया। गद्य की मुकम्मल शुरुआत हुई, कविता की विषयवस्तु में आमूलचूल परिवर्तन हुए और कविता अभिव्यक्ति के वर्जित कोनों तक पहुँची। इस काल में ही—जो अब जारी है—प्रयोगों और विमर्शों के बीच साहित्य का संवाद संसार के अग्रगामी विचारों और परिवर्तनों से हुआ।

गीतकार

भारत के दसवें प्रधानमंत्री और हिंदी के लोकप्रिय कवि। भारत रत्न से सम्मानित।

1931 -1982 मुंबई

सुचर्चित गीतकार।

लोकप्रिय गीतकार। काव्य की लगभग सभी विधाओं में सक्रिय।

हिंदी के अत्यंत लोकप्रिय कवि-गीतकार।

1939 -2020 बरेली

प्रसिद्ध गीतकार।

अत्यंत लोकप्रिय गीतकार और फ़िल्मकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तार सप्तक’ के कवि। ‘छाया मत छूना’ शीर्षक गीत के लिए चर्चित।

1911 -1963 बेतिया

सुप्रसिद्ध गीतकार। विद्रोही और प्रगतिशील विचारों के लिए उल्लेखनीय।

1925 -2018 इटावा

हिंदी के बेहद लोकप्रिय गीतकार। पद्म भूषण समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित।

सुचर्चित गीतकार।

सुविख्यात कवि-गीतकार और संपादक। सिनेमा के लिए लिखे गए गीतों के लिए भी चर्चित।

हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय कवि-गीतकार। पटकथा और विज्ञापन-लेखन के लिए भी मशहूर।

हिंदी सिनेमा से संबद्ध लोकप्रिय गीतकार-कवि और पटकथा लेखक।

1929 -2011 मेरठ

‘राम की जल समाधि’ शीर्षक रचना के सुविख्यात गीतकार।

अत्यंत प्रसिद्ध गीतकार।

समादृत कवि-कथाकार और पटकथा-लेखक। ‘आधा गाँव’ और ‘टोपी शुक्ला’ सरीखे उपन्यासों के लिए स्मरणीय।

‘तू ज़िंदा है तो ज़िंदगी की जीत में यक़ीन कर...’ के रचयिता और लोकप्रिय गीतकार। सिनेमा और प्रगतिशील आंदोलन से संबद्ध।

‘एक ख़त जो किसी ने लिखा भी नहीं’ शीर्षक गीत के सुपरिचित गीतकार। कवि-सम्मेलनों में लोकप्रिय रहे।

1916 - 1991 देवरिया

सुचर्चित गीतकार और संपादक।

हिंदी की प्रगतिशील और जनवादी धारा के कवि-गीतकार और कार्यकर्ता।

लोकप्रिय हिंदी कवि-गीतकार, नाटककार और अभिनेता।

सुचर्चित गीतकार।

‘मधुशाला’ के लिए मशहूर समादृत कवि-लेखक और अनुवादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।