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उत्तर प्रदेश के रचनाकार

कुल: 694

जैन कवि, उपदेशक एवं प्रवचनकार।

सुपरिचित कवि-कथाकार और नाटककार। जोखिमों से भरा बीहड़ जीवन जीने के लिए उल्लेखनीय।

भोजपुरी के अत्यंत सम्मानित आ प्रसिद्ध गीतकार। गीतन के अलावे कईगो नाटकन के रचना। भोजपुरी के साथ-साथ हिंदी में भी लेखन। आपन संगठनात्मक युक्ति-कौशल आ अद्भुत आयोजन क्षमता खातिर भी उल्लेखनीय।

रीतिबद्ध के आचार्य कवि। काव्यांग-निरूपण में सिरमौर। शृंगार-निरूपण के अतिरिक्त नीति-निरूपण के लिए भी उल्लेखनीय।

समय : 18वीं सदी। बावरी पंथ ग़ाज़ीपुर शाखा के संत गुलाल साहब के शिष्य। चमत्कार-विरोधी। नाम-स्मरण के सुगम पथ के राही।

प्रतिष्ठित औ सम्मानित कवि, कथाकार एवं कथेतर गद्य लेखक। अवधी के संगे-संगे हिन्दी औ संस्कृत मा कइऔ किताबै।

भारतीय नवजागरण के अग्रदूत। समादृत कवि, निबंधकार, अनुवादक और नाटककार।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तार सप्तक’ के कवि।

‘राम की जल समाधि’ शीर्षक रचना के सुविख्यात गीतकार।

रसिक भक्त कवि। रामकथा वाचक और भक्तमाल के टीकाकार।

रीतिकालीन जैन कवि। संगीत, ज्योतिष और हिंदी, गुजराती, बंगला और फ़ारसी जैसी कई भाषाओं के जानकार।

प्रेमचंद युग के समादृत उपन्यासकार-कहानीकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

प्रेमचंद युग के उपन्यासकार-कहानीकार-संपादक। ‘मिठाईवाला’ कहानी के लिए चर्चित।