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ई का गजब भइल

ii ka gajab bhail

जौहर शफियाबादी

जौहर शफियाबादी

ई का गजब भइल

जौहर शफियाबादी

और अधिकजौहर शफियाबादी

    का गजब भइल, गमला में नागफनी

    सब कुछ बदल गइल, गमला में नागफनी

    जस धरती तस रूप, अनुप के शोभा

    दिन कहाँ गइल, गमला में नागफनी

    इज्जत मोल गवाँ के अपना धरती के

    के धर्म कइल गमला में नागफनी

    जहवाँ रहे धइल, जूही, गुलाब, बेला

    छब कहाँ गइल गमला में नागफनी

    निरखीं तनी टहल के, नगर चलन के अब

    सगरो परल फइल-गमला में नागफनी

    ठुनकत सजी धरम बा, का भइल कहाँ छल

    माटी-कइल-धइल गमला में नागफनी

    'जौहर' कठिन बा बातो, कहल समय के

    गंगा भइल, मइल, गमला में नागफनी

    स्रोत :
    • पुस्तक : रंगमहल (पृष्ठ 132)
    • रचनाकार : जौहर शफियाबादी
    • प्रकाशन : शिवालिक प्रकाशन, दिल्ली
    • संस्करण : 2019

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