पायल भारद्वाज के बेला
यात्रा नहीं अपने भीतर थोड़ी-सी जगह बनाने का वृत्तांत
अकेले यात्रा करने की इच्छा कई सालों से मन में पल रही थी। इसके कई कारण थे। पहला तो यह कि मैं बहुत एकांतप्रिय मनुष्य हूँ, जो अकेले रहने के अवसर खोजता रहता है। मेरे मस्तिष्क में एक अलग ही समानांतर दुनिय
रामलीला तेरी याद में नैन हुए बेचैन
नब्बे के दशक के उतरते साल थे। न केबल टीवी गाँव पहुँचा था, न फ़ोन। बिजली पहुँच तो गई थी, पर अक्सर ग़ायब ही रहती थी। न उसके आने का कोई नियम था, न जाने का। लोग भी बिजली पर पूरी तरह आश्रित नहीं थे और न ह
त्याग नहीं, प्रेम को स्पर्श चाहिए
‘लगी तुमसे मन की लगन’— यह गीत 2003 में आई फ़िल्म ‘पाप’ से है। इस गीत के बोल, संगीत और गायन तो हृदयस्पर्शी है ही, इन सबसे अधिक प्रभावी है इसका फ़िल्मांकन—जो अपने आप में एक पूरी कहानी है। इस गीत का वीड