रहस्यवादी कविता का सृजन ही नहीं, बल्कि ग्रहण भी नितांत निजी एवं वैयक्तिक कार्य है।
जीवन की क्षुद्रताओं से मनुष्य को ऊपर उठाकर, उसे उच्च भाव-भूमि पर प्रतिष्ठित करने का श्रेय रहस्यवाद को ही है।
रहस्यवादी कविता का सृजन ही नहीं, बल्कि ग्रहण भी नितांत निजी एवं वैयक्तिक कार्य है।
जीवन की क्षुद्रताओं से मनुष्य को ऊपर उठाकर, उसे उच्च भाव-भूमि पर प्रतिष्ठित करने का श्रेय रहस्यवाद को ही है।