19 जून 2026
दो फ़ुटिया जीभ का चरित्र
एक दिन सोच रहा था दोमुँहा क्या होता है? बहुत सोचने के बाद मैंने जवाब पाया कि होता होगा कोई ऐसा जीव जिसके दो मुँह होते होंगे। किंतु क्या ऐसा संभव है? एक पेट के लिए दो मुँह! दरअस्ल में ग़लत राह में सोच
24 जनवरी 2026
पहले मेरी कामुकता क्षैतिज थी, अब वह ऊर्ध्वाधर है
सूज़न सॉन्टैग की दिनांकित प्रविष्टियाँ जीवन का लेखा नहीं, एक सजग मन की अविराम पकड़ हैं—सूचियों, संकेतों, मनन के रूप में। बाहर जो व्यक्तित्व सुसंगत और स्थिर दीखता है, भीतर वह निरंतर स्वयं को गढ़ता है