Font by Mehr Nastaliq Web

कुँवर नारायण के उद्धरण

साही की कविताओं में जो एक ख़ास तरह की दृढ़ता है; उसका गारा भर क्लासिक रहता है लेकिन स्थापत्य—साही का बिल्कुल अपना और अपने समय की, या जीवन की प्रमुख समस्याओं से रगड़ खाता हुआ।