दबंग सभी एक जैसे होते हैं; चाहे वे स्कूल के परिसर में हों, कार्य स्थल पर हों, या आतंक के जरिए किसी देश पर शासन कर रहे हों। वे डराने-धमकाने के बल पर ही फलते-फूलते हैं। दबंग लोग डरपोक और कमज़ोर दिल वालों से अपनी ताक़त हासिल करते हैं। वे शार्क की तरह होते हैं, जो पानी में डर महसूस करती हैं। वे यह देखने के लिए चक्कर लगाती हैं कि क्या उनका शिकार जूझ रहा है। वे यह पड़ताल करती हैं कि उनका शिकार कमज़ोर है या नहीं। अगर आप अपने लिए खड़े होने का साहस नहीं पाते हैं, तो वे हमला कर देंगी। जीवन में, अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए, रात की तैराकी पूरा करने के लिए, आपको बहुत हिम्मतवर पुरुष और महिला बनना होगा। ऐसा साहस हम सबके अंदर होता है। गहरा खोदने पर आप इसे बहुतायत में पाएँगे।
अनुवाद :
महेंद्र नारायण सिंह यादव