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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

आत्मा स्वयं को शक्तिहीन पदार्थ से जोड़कर विलाप करती है। वह स्वयं को नश्वर रूपों से जोड़ती है; लेकिन यदि वह मुक्त आत्मा किसी शक्ति का प्रयोग करना चाहे, तो वह उसे प्राप्त कर लेगी। यदि वह नहीं चाहे, तो वह शक्ति उसे प्राप्त नहीं होगी।