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गणेश शंकर विद्यार्थी के उद्धरण

आदर्श का उपासक; निराशाओं के प्रति उपेक्षा की दृष्टि से देखता है, उसका जीवन युद्धमय है। समझौते का उपासक; व्यावहारिक कठिनता की दुर्दमनीयता का विकराल रूप देखकर घबराता है, वह अपने को चतुर और नीतिकुशल के नाम से पुकारता है—वह मरना नहीं जानता।