यदि मनुष्य का जन्म लेकर मैं मानवीय अस्तित्व के उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकूँ, यदि मैं उसकी नियति को चरितार्थ नहीं कर सकूँ, तो उसकी सार्थकता ही क्या है?
शेयर
जीवन के दो पक्ष होते हैं—बुद्धि और चरित्र । इतना ही काफ़ी नहीं है कि तुम देश को केवल चरित्र अर्पित करो, तुम्हें बौद्धिक आदर्श भी देना चाहिए।
शेयर
मेरी परिकल्पना और मेरी रूझान के अनुकूल, आकर्षण के केन्द्र हैं आरंभ से ही—त्यागी की वृत्ति, सादा जीवन और उच्च विचार, तथा देश-सेवा के लिए हार्दिक अनुरक्ति।
शेयर
हम तभी प्रभु के लिए प्रार्थी होते हैं, जब हम कष्ट में होते हैं और तभी शायद कुछ हद तक सच्चाई से उसे याद करते हैं। लेकिन जैसे ही हमारा कष्ट दूर हो जाता है और हम बेहतर महसूस करने लगते हैं, वैसे ही हम प्रार्थना करना बंद कर देते हैं और भूल जाते हैं।
शेयर
सरकार को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीक़ा, उससे अलग हो जाना है। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूँ; क्योंकि यह टॉलस्टॉय का सिद्धांत था या गांधी जी इसका प्रचार करते थे, बल्कि इसलिए कह रहा हूँ, क्योंकि मैं इसमें विश्वास करने लगा हूँ।
You have exhausted your 5 free content pages. Register and enjoy UNLIMITED access to the whole universe of Urdu Poetry, Rare Books, Language Learning, Sufi Mysticism, and more.