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ईश्वर कृष्ण

350 AD

प्राचीन भारतीय दार्शनिक और संत। 'सांख्यकारिका' कृति के माध्यम से सांख्य दर्शन में योगदान हेतु समादृत।

प्राचीन भारतीय दार्शनिक और संत। 'सांख्यकारिका' कृति के माध्यम से सांख्य दर्शन में योगदान हेतु समादृत।

ईश्वर कृष्ण के उद्धरण

जिस प्रकार नर्तकी रंगशाला के दर्शकों को नृत्य दिखाकर नृत्य से निवृत्त हो जाती है, उसी प्रकार प्रकृति भी पुरुष को आत्मा का साक्षात्कार कराके निवृत्त हो जाती है।

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