आशुतोष कुमार पाण्डेय के बेला
‘चम्पवा की कलियाँ’ से जापान तक : प्रवास और सांस्कृतिक अंतर-माध्यमिकता की कथा
जब किसी भाषा का गीत अपनी भौगोलिक सीमा पार करके किसी दीगर सांस्कृतिक धुन, वाद्य, नृत्य और संवेदना से जुड़ता है, तो वह केवल संगीत का इस्तेमाल नहीं रह जाता। वह इतिहास, स्मृति और मनुष्यों की अंतर-माध्यमि