बालू पर पदचिन्ह
balu par padchinh
1
सूर्य दाईं ओर से चमक रहा है
डाल रहा है मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं
बाईं ओर सागर में।
बलुए तट पर मेरे बहुत-से पदचिन्ह अंकित हैं।
2
सूर्य बाईं ओर से चमक रहा है
डाल रहा है मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं
बाईं ओर सागर में।
बलुए तट पर मेरे बहुत-से पदचिन्ह अंकित हैं।
3
सूर्य पीछे की ओर चमक रहा है
डाल रहा है मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं
मेरे ठीक सामने—सागर में।
ओ सागर, बालू पर अंकित मेरे पजचिन्ह धो न देना!
4
सूर्य ठीक सामने चमक रहा है।
ओ सूर्य, मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं
क्या तुम मेरे पीछे सागर में डाल रहे हो?
आह, बालू पर अंकित मेरे पदचिन्ह तो
ज्वार बहुत पहले धो दे चुका है!
- पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 126)
- रचनाकार : कुओ मो-रो
- प्रकाशन : मेधा बुक्स
- संस्करण : 2003
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