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बालू पर पदचिन्ह

balu par padchinh

अनुवाद : सुरेश सलिल

कुओ मो-रो

कुओ मो-रो

बालू पर पदचिन्ह

कुओ मो-रो

और अधिककुओ मो-रो

     

    1

    सूर्य दाईं ओर से चमक रहा है

    डाल रहा है मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं

    बाईं ओर सागर में।

    बलुए तट पर मेरे बहुत-से पदचिन्ह अंकित हैं।

     

    2

    सूर्य बाईं ओर से चमक रहा है

    डाल रहा है मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं

    बाईं ओर सागर में।

    बलुए तट पर मेरे बहुत-से पदचिन्ह अंकित हैं।

     

    3

    सूर्य पीछे की ओर चमक रहा है

    डाल रहा है मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं

    मेरे ठीक सामने—सागर में।

    ओ सागर, बालू पर अंकित मेरे पजचिन्ह धो न देना!

     

    4

    सूर्य ठीक सामने चमक रहा है।

    ओ सूर्य, मेरे शरीर की आदमक़द परछाईं

    क्या तुम मेरे पीछे सागर में डाल रहे हो?

    आह, बालू पर अंकित मेरे पदचिन्ह तो

    ज्वार बहुत पहले धो दे चुका है!

    स्रोत :
    • पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 126)
    • रचनाकार : कुओ मो-रो
    • प्रकाशन : मेधा बुक्स
    • संस्करण : 2003

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