प्यार में, प्यार से, प्यार मिल जाए
pyaar mein, pyaar se, pyaar mil jaye
प्यार में, प्यार से, प्यार मिल जाए
जब मन के तार से तार मिल जाए
दुनियाँ रूक जाला एकपल खातिर
जब प्रेम में, बहार से बहार मिल जाए
गूँज उठेला मन संगीत के तान से
जब साँसन के हार से हार मिल जाए
प्रेम त दुनिया के सुन्दर बना देवेला
जब समझेवाला गाँवजवार मिल जाए
प्रेम समा जाला परमात्मा के भीतर
जब, व्यवहार से व्यवहार मिल जाए
- पुस्तक : बेचैन संदेश (भोजपुरी गजल-संग्रह) (पृष्ठ 3)
- रचनाकार : शिव संदेश
- प्रकाशन : भोजपुरी प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडू, नेपाल
- संस्करण : 2024
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