लोग कहेला कि गाँव अब गाँव ना रहल
log kahela ki gaanv ab gaanv na rahal
लोग कहेला कि गाँव अब गाँव ना रहल
पहिले जइसन तोहरो तऽ लगाव ना रहल
कइसे आई विकास करेवाला नीमन नेता
लेनदेन बिना जीतेवाला अब चुनाव ना रहल
खाली कटइबे करेला हरसाल के मेला में
अब आम आ सीसो के ऊ छाँव ना रहल
लोग हो गइल बा होशियार, मोबाइल से
पहिले जइसे नेताजी के अब प्रभाव ना रहल
बड़ा जल्दी खिसिया जाला, लोग आजकल
अब धीरज राखेवाला ऊ सुभाव ना रहल
- पुस्तक : बेचैन संदेश (भोजपुरी गजल-संग्रह) (पृष्ठ 22)
- रचनाकार : शिव संदेश
- प्रकाशन : भोजपुरी प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडू, नेपाल
- संस्करण : 2024
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