याद के तहरे
याद के तहरे बदरा बा, घहरा गइल
जइसे मरुथल में, कारी घटा छा गइल
दिल के धड़कन भइल बाटे तूफान जस
मन का बगिया में अचके केहू आ गइल
आस का गाँव में, रूप का छाँव में
फनवा दुबकल, नगिनिया के लहरा गइल
अब खुशी खोजे के बा, त धीरज धरीं
राग बा, आग के, जब पता पा गइल
नेह के चान गरहन से, ना घट सके
केहू चकमा में बा, केहू चमका गइल
कबहूँ नफरत का पिंजरा से झाँकीं तनी
जे बढ़ल आगे जौहर, दिशा पा गइल
- पुस्तक : रंगमहल (पृष्ठ 80)
- रचनाकार : जौहर शफियाबादी
- प्रकाशन : शिवालिक प्रकाशन, दिल्ली
- संस्करण : 2019
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