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किए देखब

kiye dekhab

अशोक कुमार मेहता

और अधिकअशोक कुमार मेहता

    किए देखब गगन केर चान

    चान हमर सोझाँमे बैसल

    घर-आङन खलखल दलान

    साँझ रभसैत ससरल

    हँसब बाजब सरगम साजए

    सगर देह चानन गमगम लागए

    होइत रहौ राति जुआन

    निहारैत गबैत रही गीतल

    किए देखब...

    दुख केर अन्हरिया भऽ गेल निपत्ता

    फाटल किताब पर चढ़ि गेल गत्ता

    जीबि उठल हिरदयक मसान

    प्रीति केर अमरित छीटल

    किए देखब...

    गाछ छाहरिक जुड़बंध जहिना

    एतबे मनोरथ जे संग रही तहिना

    बहैत रहए नित्त अम्लान

    धार जिनगीक कलकल

    किए देखब...

    स्रोत :
    • पुस्तक : पंछी बनी गगन केर… (मैथिली गीत-संग्रह) (पृष्ठ 99)
    • रचनाकार : अशोक कुमार मेहता
    • प्रकाशन : अनुप्रास प्रकाशन, मधुबनी
    • संस्करण : 2024

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