Font by Mehr Nastaliq Web

विलास पर उद्धरण

विलास सुखभोग या आनंदमय

क्रीड़ा है। संयोग के समय प्रकट हाव-भाव अथवा प्रेमसूचक क्रियाएँ भी विलास मानी जाती हैं। किसी अंग की मनोहर चेष्टा को उस अंग से संबद्ध विलास के रूप में प्रकट किया जाता है। प्रस्तुत है विलास के विषय पर विभिन्न काव्यरूपों से एक चयन।

वृद्धावस्था रूप का, आशा धैर्य का, मृत्यु प्राणों का, दूसरों में दोष दृष्टि धर्माचरण का, काम लज्जा का, नीच पुरुषों की सेवा सदाचार का, क्रोध लक्ष्मी का और अभिमान सर्वस्व का ही नाश कर देता है।

वेदव्यास

संबंधित विषय

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए