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चतुर्थ सत्र पर कविताएँ

वीरों का कैसा हो वसंत?

सुभद्राकुमारी चौहान

भिक्षुक

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

नए ज़माने की मुकरी

भारतेंदु हरिश्चंद्र

ठुकरा दो या प्यार करो

सुभद्राकुमारी चौहान

द्रुत झरो जगत के जीर्ण पत्र!

सुमित्रानंदन पन्त

पथिक (प्रथम सर्ग से)

रामनरेश त्रिपाठी

भारत माता ग्राम वासिनी!

सुमित्रानंदन पन्त