कचर-कचर : एक सिनेमाई आतंकवाद
थिएटर की बत्ती बुझती है। स्क्रीन पर किसी गंभीर दृश्य की नींव रखी जा रही होती है। नायक का दिल टूटने वाला होता है या सस्पेंस अपनी पराकाष्ठा पर होता है। और ठीक उसी पल आपके दाहिने या बाएँ कान के पास से आ
थिएटर की बत्ती बुझती है। स्क्रीन पर किसी गंभीर दृश्य की नींव रखी जा रही होती है। नायक का दिल टूटने वाला होता है या सस्पेंस अपनी पराकाष्ठा पर होता है। और ठीक उसी पल आपके दाहिने या बाएँ कान के पास से आ