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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

योगी के लिए सब कुछ आनंदमय है, वह जिस भी मनुष्य का चेहरा देखता है, उससे उसे प्रसन्नता मिलती है। यही एक गुणी व्यक्ति की पहचान है।