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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

यदि वर्तमान मानवजाति का एक बिल्कुल छोटा-सा अंश भी; इस क्षुद्र संकीर्ण और स्वार्थी भाव का त्याग कर सकें, तो कल ही यह संसार स्वर्ग में परिणत हो जाएगा, पर नाना प्रकार के यंत्र तथा बाह्यजगत्-संबंधी भौतिक ज्ञान की उन्नति से यह कभी संभव नहीं हो सकता।