Font by Mehr Nastaliq Web

वात्स्यायन के उद्धरण

नगर, पत्तन, बड़े ग्रामों में जहाँ पर सज्जनों की बस्ती हो, सज्जन पुरुषों का सहवास हो, जहाँ पर जीविका के साधन सुलभ हों, जीवनोपयोगी सभी साधन सरलता से मिल जाएँ और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था हो—उस स्थान पर नागरक को अपना निवासस्थान बनाना चाहिए।