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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

मनुष्य की आत्मा शाश्वत और अमर है, परिपूर्ण और अनंत है, और मृत्यु का अर्थ केवल एक शरीर से दूसरे शरीर में केंद्र का स्थानांतरण है।