लज्जावान् पुरुष को शिथिल, व्रतधारी को दंभी, पवित्र को पाखंडी, शूर को निर्दयी, सीधे स्वभाव वाले को मूर्ख, प्रिय बोलने वाले को दीन, तेजस्वी को गर्वीला, वक्ता को बकवादी और स्थिरचित्तवाले को आलसी कहते हैं। इससे यह जान पड़ता है कि गुणियों में कौन सा ऐसा गुण है, जिसे दुर्जनों ने कलंक नहीं लगाया।