कलाकार के लिए पूरा यथार्थ कच्चा माल है—उसका माध्यम, जिससे वह नया कुछ रचता है। यह 'नया कुछ' परिभाषित किया जा सकता है—सुंदर के संदर्भ में भी और उपयोगिता के संदर्भ में भी : बिल्कुल बाहर भी परिभाषित किया जा सकता है, इस तरह कि न तो सुंदर हो न उपयोगी, केवल 'नया कुछ' हो।