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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

जो सचमुच योगी होने की इच्छा करते हैं, उन्हें इस प्रकार के थोड़ा-थोड़ा हर विषय को पकड़ने की वृत्ति सदैव के लिए छोड़ देनी होगी। एक विचार लो; उसी विचार को अपना जीवन बनाओ, उसी का चिंतन करो, उसी का स्वप्न देखो और उसी में जीवन बिताओ।